राजस्थान में प्रजामंडल आंदोलन Short Trick - All Gk Hindi

राजस्थान में प्रजामंडल आंदोलन Rajasthan Police , patwar और राजस्थान की सभी competition exam  से जुड़े महत्वपूर्ण Prajamandal aandolan ke प्रश्न और शार्ट ट्रिक लेकर आया हूं ।
राजस्थान में प्रजामंडल आंदोलन Short Trick

प्रजामण्डल का अर्थ ?

Janta का संगठन होता है । 1920 के दशक में ठिकानेदारों और जागीरदारों के अत्याचार दिन प्रतिदिन बढ़ रहे थे। इसी के कारण किसानों द्वारा विभिन्न आंदोलन चलाये गए। जिनमें गांधी जी के नेतृत्व में चल रहा स्वतंत्रता आंदोलन प्रमुख था । इन सभी आंदोलनों के कारण जनता में जागृती आई और उन्होंने संगठन(मंडल) बनाकर अत्याचारों के विरूद्ध आन्दोलन शुरू कर दिया । जो प्रजामण्डल आंदोलन कहलाये।

राजस्थान में प्रजामंडल आंदोलन का मुख्य कारण

ठिकानेदारों और जागीरदारों के अत्याचार दिन प्रतिदिन बढ़ रहे थे। इसी के कारण किसानों द्वारा विभिन्न आंदोलन चलाये गए

इन आन्दोलनो का मुख्य उद्देश्य 

रियासती शासन के अधीन उत्तरदायी शासन प्राप्त करना था।
उत्तरदायी शासन से तात्पर्य संघ बनाने, भाषण देने आम सभा करने और जुलूस निकालने आदि की स्वतंत्रता प्रधान कर दी जाये ।

💠जयपुर प्रजामण्डल

जयपुर प्रजामंडल की स्थापना 1931 में कपूरचंद पार्टनर वे जमुनालाल बजाज के द्वारा की गई ।और जयपुर प्रजामंडल का पुनर्गठन 1936 में हुआ था ।
जयपुर प्रजामंडल का 1936 में पुनर्गठन के बाद चिरंजीलाल मिश्र को अध्यक्ष बनाया गया था और
 1938 में जयपुर प्रजामण्डल अध्यक्ष जमना लाल बजाज को बनाया गया।

सन् 1942 में जयपुर प्रजामण्डल के तत्कालीन अध्यक्ष हीरालाल शास्त्री व रियासती प्रधानमंत्री मिर्जा इस्माइल के बीच जेन्टलमेट्स समझौता हुआ। जिसमें प्रजामण्डल को भारत छोड़ो आन्दोलन से अलग रखा गया।

इसके बाद प्रजामण्डल से अलग होकर एक नए संगठन  आज़ाद मोर्चा का निर्माण किया गया, जिसने जयपुर में भारत छोड़ो आंदोलन का शुभारम्भ किया।

जयपुर प्रजामण्डल राजस्थान का प्रथम प्रजामण्डल था।

💠मेवाड़ प्रजामण्डल(24 अप्रेल 1938)

मेवाड़ प्रजामण्डल की स्थापना माणिक्यलाल वर्मा के द्वारा की गई थी । माणिक्य लाल वर्मा के प्रयासों से उदयपुर में 24 अप्रैल 1938 को बलवंतसिंह मेहता की अध्यक्षता में मेवाड़ प्रजामण्डल की स्थापना की गयी।

25-26 नवम्बर 1941 में मेवाड़ प्रजामण्डल का प्रथम अधिवेशन उदयपुर की शाहपुरा हवेली में हुआ जिसकी अध्यक्षता माणिक्य लाल वर्मा के द्वारा की गई , जिसका उद्घाटन जे.बी. कृपलानी ने किया।

9 अगस्त 1942 को शुरू किये गए भारत छोड़ो आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लेने के कारण मेवाड़ प्रजामंडल को गैर कानूनी घोषित कर दिया गया।

💠 मारवाड़ प्रजामण्डल(1934)

मारवाड़ प्रजामंडल की स्थापना सन 1934 में जयनारायण व्यास के द्वारा की गई ।और मारवाड़ प्रजामंडल का अध्यक्ष भंवरलाल सर्राफ को बनाया गया ।

सन् 1937 में मारवाड़ प्रजामण्डल को गैर कानूनी घोषित कर दिया गया।
इसके बाद सन 1938 में रणछोड़ दास गट्टानी की अध्यक्षता में मारवाड़ लोक परिषद् का गठन हुआ।
मारवाड़ लोक परिषद् में महिमा देवी किंकर के नेतृत्व में महिलाओं ने भाग लिया।

1942 में मारवाड़ लोक परिषद् ने भारत छोड़ो आंदोलन में सक्रिय हिस्सा लिया।
3 मार्च 1948 को जयनारायण व्यास के नेतृत्व में एक मिलीजुली लोकप्रिय सरकार का गठन किया गया।

💠भरतपुर प्रजामण्डल(1938)

कांग्रेस का एक अधिवेशन हुआ था हरिपुरा अधिवेशन जिसके पश्चात भरतपुर के राजा की छत्रछाया में लोकतांत्रिक प्रशासन की स्थापना के उद्देश्य से सन 1938 में किशन लाल जोशी , गोपी लाल यादव ,मास्टर आदित्येंद्र और युगल किशोर चतुर्वेदी के आथिर्क प्रयासों से भरतपुर प्रजामंडल की स्थापना की गई

भरतपुर प्रजामंडल के अध्यक्ष गोपी लाल यादव को बनाया गया व
ठाकुर देशराज और पंडित रेवतीशरण शर्मा को उपाध्यक्षबनाया गया और
किशन लाल जोशी को महामंत्रीबनाया गया

1942 में भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान भरतपुर प्रजामण्डल के अधिकांश नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया। और महिलाओं का नेतृत्व श्रीमती सरस्वती बोहरा कर रही थी।

💠बूंदी प्रजामण्डल(1931)

बूंदी प्रजामंडल की स्थापना 1931 में श्री कांतिलाल द्वारा की गई ।

बूंदी राज्य लोक परिषद की स्थापना १९ जुलाई 1944 में हरिमोहन माथुर एवं बृजसुंदर शर्मा द्वारा की गई।

💠 कोटा प्रजामण्डल(1934)

कोटा प्रजामंडल की स्थापना 1938 में नैनू राम शर्मा अभिन्न हरि द्वारा की गई थी

💠करौली प्रजामण्डल(18 अप्रेल 1939)


करौली प्रजामंडल की स्थापना त्रिलोक चंद माथुर, चिरंजीलाल शर्मा व कुंवर मदन सिंह के द्वारा सन 1939 में की गई थी

💠धौलपुर प्रजामण्डल(1936)


धौलपुर प्रजामंडल की स्थापना सन 1936 में कृष्ण दत्त पालीवाल श्री मूलचंद श्री ज्वाला प्रसाद जिज्ञासु आदि द्वारा की गई ।

💠बीकानेर प्रजामण्डल(4 अक्टूबर 1936)


बीकानेर प्रजामंडल की स्थापना 4 अक्टूबर 1936 को वैध मघाराम व श्री लक्ष्मण दास स्वामी द्वारा की गई
बीकानेर प्रजामंडल का अध्यक्ष वैध मघाराम था ।

राजस्थान का एकमात्र प्रजामण्डल जिसकी स्थापना राजस्थान के बाहर कलकत्ता में हुई।
12 जुलाई, 1962 को बीकानेर के एडवोकेट रघुवर दयाल गोयल ने राज्य प्रजा परिषद की स्थापना करके राजनीतिक आंदोलन की शुरुआत की।  परिषद का उद्देश्य महाराजा की छाया में उत्तरदायी शासन की स्थापना करना था।  महाराजा गंगा सिंह ने 1972 में गोयल को गिरफ्तार कर लिया था और इस प्रतिबंध को तोड़ने और बीकानेर में प्रवेश करने पर, गोयल को फिर से गिरफ्तार कर लिया गया और फिर से बंदी बना लिया गया।  झंडा सत्याग्रह दिसंबर 1962 में बीकानेर में आयोजित किया गया था, जिसमें प्रजा परिषद के कार्यकर्ताओं को दंडित किया गया था

💠शाहपुरा(18 अप्रेल 1938)


18 अप्रैल, 1938 को श्री रमेशचन्द्र औझा, लादूराम व्यास व अभयसिंह डांगी द्वारा श्री माणिक्य लाल वर्मा के सहयोग से शाहपुरा प्रजामंडल की स्थापना की गई
शाहपुरा प्रथम रियासत थी जिसने उत्तरदायी शासन की स्थापना की।

💠अलवर प्रजामण्डल(1938)


सन् 1938 में पं. हरिनारायण शर्मा एवं कुंजबिहारी मोदी द्वारा स्थापित किया गया। सन् 1939 में इसके रजिस्ट्रेशन के बाद सरदार नत्थामल इसके अध्यक्ष बने।

💠सिरोही प्रजामण्डल(23 जनवरी 1939)


23 जनवरी, 1939 को श्री गोकुलभाई भट्ट(राजस्थान का गाँधी) की अध्यक्षता में सिरोही प्रजामण्डल की स्थापना की गई

💠किशनगढ़ प्रजामण्डल(1939)


1939 में श्री कांतिलाल चौथानी एवं श्री जमालशाह(अध्यक्ष) द्वारा किशनगढ़ प्रजामंडल की स्थापना की गई

💠कुशलगढ़ प्रजामण्डल(अप्रेल 1942)


अप्रैल, 1942 में श्री भंवरलाल निगम(अध्यक्ष) व कन्हैयालाल सेठिया द्वारा कुशलगढ़ प्रजामंडल की स्थापना की गई

💠बांसवाड़ा प्रजामण्डल(1943)


सन् 1943 में भूपेन्द्रनाथ त्रिवेदी, धूलजी भाई भावसर, मणिशंकर नागर आदि द्वारा बांसवाड़ा प्रजामंडल की स्थापना की गई

💠डूंगरपुर प्रजामण्डल(1 अगस्त 1944)


भोगीलाल पाड्या (वागड़ का गांधी) एवं शिवलाल कोटरिया द्वारा डूंगरपुर प्रजामंडल की स्थापना की गई

💠प्रतापगढ़ प्रजामण्डल(1945)


सन् 1945 में श्री चुन्नीलाल एवं अमृतलाल के प्रयासों से प्रतापगढ़ प्रजामंडल की स्थापना की गई

💠जैसलमेर प्रजामण्डल(15 दिसम्बर 1945)


15 दिसम्बर, 1945 को मीठालाल व्यास ने जोधपुर में जैसलमेर प्रजामण्डल की स्थापना की।

💠झालावाड़ प्रजामण्डल(25 नवम्बर 1946)


25 नवम्बर, 1946 को श्री मांगीलाल भव्य(अध्यक्ष), कन्हैयालाल मित्तल, मकबूल आलम द्वारा झालावाड़ प्रजामंडल की स्थापना की गई

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